# जन्नत और जहन्नुम में पहले 24 घंटे | विस्तृत विवरण | AI चित्रित क़यामत का दिन श्रृंखला – Ep. 4

- Language: hi
- Published: 2026-08-26
- Canonical: https://blog.towardseternity.com/hi/blog/first-24-hours-in-jannah-jahannam-ai-visualized-day-of-judgment-series-ep-4
- Source video: https://www.youtube.com/watch?v=QOMr52InQ9g
- Channel: Towards Eternity

This is the cleaned transcript of the source video. The speech is unaltered.

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अब फैसला ख़त्म हो गया है। दिव्य न्यायालय की कारवाईयाँ पूरी हो चुकी और सभी का अंतिम ठिकाना तय हो चुका है। अरबों लोग अब दो समूहों में बंट गए हैं। कुछ जन्नत के लिए तो कुछ जहन्नुम के लिए। जन्नत के दरवाज़े पर इंतज़ार कर रहे लोगों ख़ुशी से फूले नहीं समा रहे है। उत्साह के साथ, वे अपने अंतिम घर में दाखिल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। और अंततः उनके लिए जन्नत के दरवाज़े एक-एक करके खोले जाते है। उन्हें ऐसी राहत महसूस हो रही है जैसी उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं की थी। मानो उनके कंधों से सारा बोझ उतर गया हो। तभी अचानक एक रौशनी नज़र आती है जो अपने आसपास की हर चीज़ को रौशन कर रही है। और जन्नत के फ़रिश्तों की एक आवाज़ सुनाई देती है। आप सभी पर सलामती हो। आप सभी पाक हो चुके है। इसीलिए हमेशा-हमेश रहने के लिए आइए। रौशन चेहरों वाले मुसलमान हमेशा-हमेश के जन्नत की तरफ़ क़दम बढ़ाते है। उस लम्हे, इस दुनिया में उनके द्वारा सही हुई सभी कठिनाइयों, सभी परीक्षाओं को एक अर्थ मिल जाता है। क्योंकि सब्र को अब बेहिसाब बरकतों के इनाम से नवाज़ा जा रहा है। अब न कोई थकावट है, न मौत, न ही कोई आंसू। एक ओर खुशी है, लेकिन दूसरी ओर दर्द और पीड़ा से भरा पछतावा। जहन्नुम अब भरना शुरू हो गया है। और उसकी गहराई में पीड़ा और दुःख की चीखें गूंज रही हैं। तो वास्तव में जन्नत और जहन्नुम है कैसे?

क्या जन्नत हमारी दुनिया जैसा दिखता है? क्या वहाँ भी गर्मी- सर्दी, रात और दिन होते हैं? क्या हमेशा के लिए वहां रहना उबाऊ नहीं होगा? और जन्नत में दाखिल होने वाले अंतिम इंसान का क्या? उसकी क्या हालत होगी?

आइये इन सब तथा अन्य बातों पर भी विस्तारपूर्वक गौर करें और जानें कि दोनों तरफ़ कौन सी बड़ी चीज़ हमारा इंतज़ार कर रही है। हदीस क़ुदसी के अनुसार, हमारा रब कहता है, "मैंने अपने नेक बंदों के लिए ऐसी चीजें तैयार की हैं जिन्हें किसी आंख ने कभी नहीं देखा, किसी कान ने कभी नहीं सुना, और किसी इंसान ने कभी कल्पना नहीं की।" तो, स्वर्ग उससे कहीं अधिक बड़ी और खूबसूरत है जो आप इस वीडियो में देखेंगे। हम आपको जो चीजें दिखाएंगे वे केवल उदाहरण हैं ताकि आपको वास्तविकता का अंदाजा हो सके। और हां, यही बात जहन्नुम पर भी लागू होती है। एक ओर रोने की आवाजें हैं तो दूसरी ओर खुशियों भरी मुस्कानें हैं। अत्याचारियों को उनकी क्रूरता का परिणाम भुगतना पड़ेगा, जबकि उत्पीड़ितों को उनके सब्र का इनाम मिलेगा। जन्नत के लोगों के लिए अब सारी कठिनाई, दर्द और तनाव ख़त्म हो गए हैं। वहां न तो कोई अकेलापन है और न ही कोई आंसू। कुरान में जन्नत का वर्णन इतना विस्तार से किया गया है कि आप जल्द से जल्द वहां जाना चाहेंगे। और वहाँ जिस चीज़ को जी चाहे और जिससे ऑंखें लज्ज़त उठाएं सब मौजूद हैं और तुम उसमें हमेशा रहोगे हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया, तुम हमेशा स्वस्थ रहोगे और कभी बीमार नहीं पड़ोगे। तुम हमेशा जीवित रहोगे और कभी नहीं मरोगे। तुम जवान रहोगे और कभी बूढ़े नहीं होगे। तुम हमेशा आराम से रहोगे और कभी मोहताज नहीं रहोगे। इंसान जन्नत में हमेशा 33 साल की उम्र में होगा। ताकत और खूबसूरती के चरम पर। जब पति-पत्नी एक साथ जन्नत में प्रवेश करते हैं, तो उनका वैवाहिक जीवन ख़ुशी-ख़ुशी जारी रहेगा। और जिन लोगों ने इस दुनिया में कभी शादी नहीं की, वे अपनी इच्छानुसार किसी से भी शादी कर सकेंगे। रसूल अल्लाह ने जन्नत का वर्णन इस प्रकार किया है। जन्नत सोने और चाँदी की ईंटों से बनी है और उसका गारा कस्तूरी है। उसके कंकड़ मोती और माणिक हैं और उसकी मिट्टी केसर है। जो कोई भी उसमें प्रवेश करेगा, वह हमेशा जीवित रहेगा और कभी कष्ट नहीं उठाएगा। वह आनंद का अनुभव करेगा और कभी नहीं मरेगा। उसके कपड़े कभी पुराने नहीं होंगे और उसकी जवानी कभी खत्म नहीं होगी। और सबसे दिलचस्प बात यह है कि प्रकृति के नियम और इस दुनिया के cause and effect के संबंध वहाँ लागू नहीं होंगे। यानी आप जो चाहेंगे वह तुरंत हो जाएगा। फल खाने के लिए, आपको बीज बोने और उसे पाने के लिए इंतज़ार करने या कहीं जाने की ज़रूरत नहीं होगी। क्योंकि जन्नत में, किसी साधन व किसी प्रक्रिया को पूरा करने की ज़रूरत नहीं है। आपको जोकुछ भी चाहिए, अल्लाह वो सीधे पैदा कर देगा। जब आप किसी पेड़ से एक फल तोड़ेंगे, तो दूसरा तुरंत प्रकट हो जाएगा। पेड़ से कुछ भी कम नहीं होगा। आप जैसा भी गोश्त चाहेंगे, वो तुरंत आपके पास ला दिया जाएगा, बिल्कुल भुना हुआ। अब, मैं आपसे यह पूछता हूँ। आपने जन्म से लेकर अब तक कितने तरह के खाने खाए हैं?

इस जीवन में, हमें दुनिया के सभी स्वादों का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही चखने को मिलता है। और वह छोटा सा हिस्सा भी हमें हैरान करने के लिए काफी है। यह ऐसा है जैसे हम पूरे समुद्र से सिर्फ़ एक गिलास पानी पीकर अपनी पूरी ज़िंदगी जी रहे हों और फिर भी खुश रहें। उदाहरण के लिए, टमाटर का अपना स्वाद होता है। अंडे का अपना स्वाद होता है। मिर्च का अपना स्वाद होता है। लेकिन जब आप इन्हें मिलाते हैं, तो आपको एक बिल्कुल अलग स्वाद मिलता है। अब तक, शायद हमने दुनिया के व्यंजनों का एक प्रतिशत भी नहीं चखा है। और जन्नत के स्वादों की तुलना में, यह लाखों में एक के भी करीब नहीं आता। आइए एक और नेअमत की बात करते हैं। जन्नत में, हमारे दिलों में न नफ़रत होगी न ग़ुस्सा और न ही ईर्ष्या। सभी नकारात्मक और कष्टदायी भावनाएँ दूर कर दी जाएँगी। सब भाई-बहनों की तरह खुशी-खुशी रहेंगे। अल्लाह ने क़ुरआन में इसका वर्णन इस प्रकार किया है। हम उनके दिलों में जो भी कड़वाहट थी उसे दूर कर देंगे। वे एक-दूसरे के सामने तख़्त पर बैठे भाइयों की तरह होंगे। साथ ही रसूलुल्लाह अलैहिस्सलातु वस्सलाम ने कहा कि उनके दिल एक इंसान के दिल जैसे होंगे, उनके बीच कोई मतभेद या आपसी नफ़रत नहीं होगी। दोस्त और भाई की तरह, जन्नत के लोग इस दुनिया की अपनी यादों के बारे में बात करेंगे। वे उन पलों को फिर से याद करेंगे जो उन्होंने कभी जीए थे और उन्हें फिर से ऐसे देखेंगे जैसे वे सीधे किसी फिल्म में कदम रख रहे हों। वे इतिहास की सबसे दिलचस्प घटनाओं के दृश्य देख पाएँगे और उन जगहों पर भी जा पाएँगे। अब जन्नत की अन्य सुन्दरताएँ। वहाँ शुद्ध पानी की नदियाँ, दूध की नदियाँ, शहद की नदियाँ और हमारी कल्पना से परे कई अन्य नदियाँ होंगी। क़ुरआन में, अल्लाह कहता हैं, "अल्लाह से डर रखनेवालों के लिए जिस जन्नत का वादा है उसकी शान यह है कि उसके नीचे नहरें बह रही है, उसके फल शाश्वत है और इसी प्रकार उसकी छाया भी। ऐसे पानी की नहरें होगी जो प्रदूषित नहीं होता। और ऐसे दूध की नहरें होंगी जिसके स्वाद में तनिक भी अन्तर न आया होगा, और ऐसे शराब की नहरें होंगी जो पीनेवालों के लिए मज़ा ही मज़ा होंगी, और साफ़-सुधरे शहद की नहरें भी होंगी। और उनके लिए वहाँ हर प्रकार के फल होंगे और क्षमा उनके अपने रब की ओर से लेकिन यहाँ जिस शराब का ज़िक्र किया गया है, वह इस दुनिया की शराब से बहुत अलग है। इसमें जन्नत के अनोखे गुण होंगे। ये शुद्ध पेय होंगे जो आनंद और सुकून देते हैं। ये किसी को भी नशे में नहीं डालेंगे। अपनी सभी प्राकृतिक सुंदरताओं के अलावा, जन्नत का मौसम भी उत्तम होगा। इस दुनिया के विपरीत, यह न तो गर्म होगा और न ही ठंडा, बल्कि वह उत्तम मौसम होगा जो हमें सबसे ज़्यादा पसंद है। और जन्नत में कभी रात नहीं होगी। वहाँ एक अमिट रोशनी होगी जो दिलों को खुशी से भर देगी। और हम उन्हें घनी छाँव में दाखिल करेंगे जन्नत में रात नहीं होती। वहाँ सिर्फ़ उजाला यानी नूर है। और वहाँ नींद भी नहीं होगी। इस दुनिया में नींद अच्छी लगती है क्योंकि यह थकान दूर करती है। लेकिन जन्नत में बिल्कुल भी थकान नहीं होगी। वहाँ उन्हें कभी कोई थकान छू भी नहीं पाएगी। इस दुनिया में, यहाँ तक कि जब हम सबसे ज़्यादा मज़ेदार चीज़ें करते हैं, कुछ समय बाद हम बोर हो जाते हैं, है ना?

तो क्या जन्नत में भी ऐसा ही होगा?

बिल्कुल नहीं। अल्लाह, जिसने खुद बोरियत पैदा की है, वह यह ज़रूर सुनिश्चित कर सकता है कि आपको वहाँ कभी बोरियत महसूस न हो। इसलिए जन्नत एक शाश्वत घर होगा जो खुशियों और हर तरह के सुखों से भरा होगा और किसी भी ज़रूरत से मुक्त होगा और उसके लोग हमेशा वहीं रहेंगे। कुरान और हदीस से हमें पता चलता है कि जन्नत के आठ दरवाज़े हैं। लोग अपने कर्मों के अनुसार इन दरवाज़ों से प्रवेश करेंगे। ये दरवाज़े हैं,- बाब अस-सलात, बाब अल-जिहाद, बाब अल-सदक़ा, बाब अर रैयान, बाब अल-हज, बाब अल-क़ाज़िमीन अल-गैज़ वल अफ़ीनीन अन-नास , क्षमा बाब अल ईमान और बाब अज़-ज़िक्र और ईमान वाले अपने ओहदे और अल्लाह के साथ अपनी स्थिति के अनुसार जन्नत के सात स्तरों में से किसी एक में होंगे। वे हैं - अल फ़िरदौस, अल-अदल, अन-नईम, दारुल ख़ुल्द, अल-माअवा, दारुस्सलाम और इल्लियून तो अगर जन्नत के दर्जे और स्तर अलग-अलग हैं, तो सबसे ऊँचे दर्जे का इंसान सबसे निचले दर्जे के व्यक्ति के साथ कैसे रह सकता है?

बदीउज़्ज़मान सईद नूर्सी ने इसे पैगंबर मुहम्मद अलैहिस्सलाम की एक हदीस के ज़रिए इसे खूबसूरती से समझाया है और वह यह है कि आप उन लोगों के साथ होंगे जिनसे आप प्यार करते हैं। उदाहरण के लिए, मान लीजिए मेरी स्वाद-इंद्रिय बहुत तेज़ है और आपकी कमज़ोर। हम एक ही मेज़ पर बैठे हैं और एक खूबसूरत नज़ारा है। मेरी नज़र भी तेज़ है, मैं दूर तक देख सकता हूँ लेकिन आप उतनी दूर नहीं देख सकते। अगर हम साथ-साथ बैठकर बातें करते और खाना खाते, तो कौन अधिक आनंदित होगा? बेशक मैं!

क्योंकि मेरी नज़र ज़्यादा तेज़ है और मेरी स्वाद-इंद्रियाँ ज़्यादा मज़बूत हैं। इसी तरह, अगर हम जन्नत में एक ही मेज़ पर बैठें और एक दोस्त के साथ एक जैसा खाना खाएँ, तब भी हम सभी को मिलने वाला आनंद अलग-अलग होगा। लेकिन कोई इस बारे में शिकायत नहीं करेगा। हर कोई अपने पास जो है, उससे पूरी तरह खुश रहेगा। कोई भी ऊँचे पद पर न होने का दुःख नहीं करेगा। क्योंकि जैसा कि हमने कहा, उनके दिलों से हर नकारात्मक या कष्टदायक भावनाएँ दूर हो जाएगी। तो लोग जन्नत में किस तरह के कपड़े पहनेंगे?

कुरान हमें बताता है कि जन्नत के वस्त्र रेशम से बने होंगे और खूबसूरती से सजे होंगे। वे बढ़िया हरे रेशम के वस्त्र पहनेंगे, मोटे किस्म का रेशम। वे सोने के कंगनों और मोती से आभूषित किए जाएँगे और वहाँ उनका परिधान रेशमी होगा तो जन्नत में हमारी खूबसूरती कैसी होगी? क्या हम वैसे ही दिखेंगे जैसा हम दुनिया में दिखते थे?

जन्नत में, अल्लाह हर किसी को संपूर्ण सुंदरता और वह रूप प्रदान करेगा जो उसे सबसे ज़्यादा पसंद हो। और यह सुंदरता सिर्फ़ एक रूप तक सीमित नहीं होगी। अल्लाह अपने बंदों को जब चाहे अपनी मर्ज़ी से कोई भी रूप चुनने की इजाज़त देगा। इसलिए जन्नत के लोग अपनी इच्छानुसार विभिन्न प्रकार की सुंदरता का आनंद लेंगे। रसूलुल्लाह अलैहिस्सलाम ने कहा, "बेशक़ जन्नत में एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पुरुषों और महिलाओं की छवियों के अलावा कोई खरीद-बिक्री नहीं होती। इसलिए जब भी कोई व्यक्ति किसी छवि की इच्छा करेगा तो वह उसमें प्रवेश कर जाएगा। क्या आपने उस आखिरी व्यक्ति के बारे में सुना है जो जन्नत में प्रवेश करेगा?

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कहा कि मैं उस आखिरी व्यक्ति को जानता हूँ जो जहन्नम की आग से निकलेगा और जन्नत में प्रवेश करने वाला आखिरी व्यक्ति होगा। वह जहन्नम से निकलेगा। वह आग में रेंगते हुए निकलेगा। और अल्लाह उससे कहेगा कि जाओ और जन्नत में दाखिल हो जाओ। , वह वहाँ जाएगा लेकिन उसे ऐसा लगेगा जैसे वह पूरी तरह भर गई हो। फिर वह लौटकर कहेगा, "ऐ मेरे रब, मैंने इसे भरा हुआ पाया।" अल्लाह फिर कहेगा, "जाओ और जन्नत में दाखिल हो जाओ, क्योंकि तुम्हें पूरी दुनिया जितनी बल्कि उससे भी दस गुना ज़्यादा नेअमतें मिलेंगी।" वह व्यक्ति आश्चर्य से कहेगा, "तू तो सारे जहान का रब हैं। क्या तू मेरा मज़ाक उड़ा रहा है या तू मुझ पर हँस रहा हैं?" इसकी रिवायत करने वाले सहाबी अब्दुल्ला इब्ने मसउद रज़ि॰ ने कहा, मैंने देखा कि रसूल अलैहिस्सलाम जब ये कह रहे थे वह इतना हँसे कि उनके सामने के दाँत नज़र आने लगे। बताया जाता है कि जन्नत वालों में उस व्यक्ति दर्जा सबसे कम होगा। और अब बड़ा सवाल यह है कि क्या हम जन्नत में अल्लाह के दर्शन कर पाएँगे?

जी हाँ, इंशाअल्लाह हमारी सबसे बड़ी खुशी अल्लाह को देखना और यह जानना होगा कि वह हमसे खुश हैं। क़ुरान इस नेमत का वर्णन इस प्रकार करता है। उस दिन सभी रौशन चेहरे अपने रब को निहार रहे होंगे। यही जन्नत का सबसे बड़ा इनाम होगा। एक और description है जो हमें बदीउज़्ज़मान सईद नूर्सी से मिलता है। अपनी तफ़सीर में वह कहते है "धरती पर एक हज़ार साल का आनंदमय जीवन जन्नत में बिताए एक घंटे के बराबर भी नहीं है। और जन्नत में बिताए एक हज़ार साल अल्लाह के दर्शन के एक घंटे के बराबर भी नहीं हैं।" इसकी तुलना उस जीवन से न करें जिसे आप अभी जानते हैं। इसके बजाय, एक ऐसे जीवन की कल्पना करें जो शुरू से अंत तक केवल आनंद से भरी हो और जिसमें एक भी कठिनाई न हो। एक हज़ार साल का ऐसा जीवन , फिर भी यह किसके बराबर नहीं है?

जन्नत में सिर्फ़ एक घंटा। और कल्पना कीजिए। कल्पना से परे नेमतों से भरपूर जन्नत में बिताए एक हज़ार साल भी अल्लाह के दर्शन के एक घंटे के बराबर नहीं हैं। जो ईमानवाले अपने रब की खूबसूरती देखेंगे, वे मंत्रमुग्ध हो जाएँगे और वे इन मुबारक शब्दों से अपना आभार व्यक्त करेंगे - सुबहान अल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह, अल्लाहु अकबर एक और ख़ास बात यह है कि जन्नत के लोग जहन्नुम के लोगों को देखेंगे और जहन्नुम में रहने वाले जन्नत के लोगों को देखेंगे। एक पक्ष का अफ़सोस कई गुना बढ़ जाएगा, जबकि दूसरे पक्ष का आभार और भी बढ़ जाएगा। तो जब जन्नत के लोग इतनी असीम खुशियाँ भोग रहे होंगे, तो जहन्नुम के लोगों का क्या हाल होगा? जहन्नुम!

हज़ारों सालों से बंद पड़े एक क्रोध की तरह उबल रहा होगा। कई ज़ालिम जिन्होंने बेगुनाहों पर ज़ुल्म ढाया, सैकड़ों बच्चों की जान ली और अनगिनत लोगों के अधिकारों का हनन किया, अब वहाँ कैद हैं। अंदर, घना अँधेरा है। यह दर्द और पछतावे से भरा एक दृश्य है , जो लोगों के चीखने और चिल्लाने से गूंज रहा है। हमने उन लोगों के लिए एक धधकती आग तैयार की है जो इस घड़ी को नकारते हैं। जब यह जब वह उनको दूर से देखेगी तो वे उसके बिफरने और साँस खींचने की आवाज़ें सुनेंगे। और जब वे उसकी किसी तंग जगह जकड़े हुए डाले जाएँगे, तो वहाँ मौत को पुकारने लगेंगे उनसे कहा जाएगा, “आज एक मौत के लिए नहीं, बल्कि कई मौतों के लिए चिल्लाओ।" हालांकि यह डरावना है, फिर भी इंसाफ़ पूरा होने के लिए जहन्नुम ज़रूरी है। और न्याय उत्पीड़ितों के प्रति दया है। आयत में अल्लाह कहता है, "हमने कोई अन्याय नहीं किया, बल्कि वे ही अत्याचारी थे।" जो लोग ईमान रखते हैं उनके लिए जहन्नुम केवल अस्थायी होगा। यदि उन्होंने बड़े गुनाह किये हों, किन्तु तौबा न किया हो, तथा यदि उनके गुनाह उनके अच्छे आमाल से अधिक हों और उन्हें कोई सिफ़ारिश न मिली हो, तो वे कुछ समय तक जहन्नुम की आग में रहेंगे। बेशक, अगर अल्लाह माफ कर दे तो उन्हें जहन्नुम में दंडित नहीं किया जाएगा। लेकिन यदि कोई मोमिन जहन्नुम में चला भी जाए, तो एक बार जब उसकी सजा समाप्त हो जाएगी, तो वह अंततः बाहर आ जाएगा और स्वर्ग में प्रवेश करेगा। जहन्नम में दण्ड के फ़रिश्ते अपने कर्तव्यों को पूरा करने में बहुत दृढ़ और कठोर हैं। उनका भयानक रूप ही जहन्नुम वालों के लिए सज़ा के लिए काफ़ी है। कुरान में काफ़िरों और जहन्नुम के ज़िम्मेदार फ़रिश्ते के बीच बातचीत का वर्णन इस प्रकार किया गया है। वे चिल्लायेंगे, ऐ मालिक, तेरा रब मुझे ख़त्म ही कर दे तो अच्छा है। वह कहेगा, "नहीं, तुम यूँ ही पड़े रहोगे।" हम निश्चित रूप से तुम्हारे पास सत्य लेकर आए थे, लेकिन तुममें से अधिकांश लोगों को सत्य से नफ़रत थी।" लेकिन वहां पीड़ा सिर्फ आग तक ही सीमित नहीं है। व्यक्ति को जन्नत की नेमतों से वंचित होने, अकेलेपन से, खामोशी से, शैतान के साथ जलने से, जलती हुई आग के दर्द से और कड़कड़ाती हुई ठंड के दर्द से, अल्लाह के प्रति कृतघ्न होने के दर्द से और उससे बात न कर पाने के दर्द से भी पीड़ा होगी। दूसरे शब्दों में, व्यक्ति को वहां कई प्रकार की सजाएं दी जाती हैं। उस दिन अल्लाह नरकवासियों से कहेगा, "मुझसे बात मत करो।" कितना दर्दनाक दृश्य है, है न?

उनका अपने रब से सम्बन्ध पूर्णतः टूट जाता है। आग में फंसे लोगों के हाथ जंजीरों से बंधे हुए हैं और आग की लपटें उनके पूरे शरीर को ढक रही हैं। उनकी आँखें नाक़ाबिले बयान डर से भरी हुई हैं। उनकी हर सांस नरक की झुलसा देने वाली सांस से भरी होती है। वे भागने और खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाते क्योंकि उनके पास कोई रास्ता नहीं है। उनके सिर पर उबलता पानी डालने से उनकी त्वचा पिघल जाती है और अंदरूनी भाग जल जाते हैं। कुरान में इसका वर्णन इस प्रकार किया गया है। और तुम्हें क्या पता की सक़र क्या है?

वह न तरस खाएगी और न छोड़ेगी, खाल को झुलसा देनेवाली है, उनका भोजन जकूम है, जो जहन्नुम के पेड़ का फल है, और कांटेदार पौधे हैं। और उनका पेय उबलता पानी और पीप है। हर बार जब वे उसे पीते हैं, तो उन्हें अपनी हड्डियों के भीतर तक सजा का एहसास होता है। वह जहन्नम से घिरा है और पीने को उसे कचलोहू का पानी दिया जाएगा, पीप लहू भरा हुआ पानी पीने को मजबूर किया जाएगा। वह उसे पी तो लेगा मगर मुश्किल से ही निगल पायेगा और मौत हर तरफ से उसकी ओर आएगी, लेकिन वह मरेगा नहीं और फिर उसके बाद और भी सख़्त अज़ाब होगा अन्य आयत में अल्लाह कहता है कि उनके लिए कोई भोजन नहीं होगा सिवाय एक जहरीले कांटेदार पौधे के जो न तो पोषण देगा और न ही भूख को संतुष्ट करेगा। हर बार जब वे चिल्लाते हैं - "मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।" सज़ा और भी कड़ी हो जाएगी.

उनकी एकमात्र आशा मरना और गायब हो जाना, अस्तित्व समाप्त हो जाना होगी। लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। क्या वे वही लोग नहीं थे जिन्होंने इस दुनिया में निर्दोष लोगों पर बम गिराए, उनके आंसुओं की जरा भी परवाह किए बिना उन्हें पीड़ा दी? क्या वे एक माँ को निराशा में रोते हुए देखकर नहीं हँसे? आह, काश मैं अपने होश में आ गया होता। काश मुझे एक और मौका मिलता. लेकिन भले ही उसकी चीखें अंधेरे में गूंजती रहें, लेकिन इससे कुछ नहीं बदलेगा। इस दुनिया की परीक्षा ख़त्म हो गई है.

और अब उन्हें अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उस दिन नरक की आग में जल रहे समूह एक-दूसरे से बहस भी करेंगे। वे एक दूसरे पर दोष लगायेंगे और एक दूसरे को कोसेंगे। कुरान में इसका वर्णन इस प्रकार किया गया है। "तुम उन सभी क़ौमों के साथ आग में प्रवेश करो जो तुमसे पहले गुज़र चुकी हैं, जिन्नातों और मनुष्यों में से। जब भी कोई क़ौम उसमें प्रवेश करेगी, तो वह अपने से पहले वाली क़ौम पर लानत भेजेगी। फिर जब वे सब अंदर इकट्ठा हो जाएंगे, तो उनमें से आखिरी वाला अपने पहले वाले के बारे में कहेगा, "हमारे रब, उन्होंने हमें गुमराह किया। अतः उन्हें आग की दोहरी यातना दो।" अल्लाह कहेगा, "तुममें से प्रत्येक के लिए दोहरी यातना है, किन्तु तुम नहीं जानते।" और उनमें से प्रथम व्यक्ति अंतिम व्यक्ति से कहेगा, "तुम्हें हम पर कोई अधिकार नहीं है। अब जो कुछ तूने कमाया है उसकी सज़ा चख" इसके अलावा, कुछ जहन्नुमी शैतान को दोष देंगे। और शैतान इस तरह जवाब देगा। अल्लाह ने तुम्हें एक सच्चा वादा दिया था। मैंने भी वादे किए थे, लेकिन वे झूठे थे। तुम्हें बुलाने के अलावा मेरा तुम पर कोई अधिकार नहीं था, और तुमने मेरे बुलावे का जवाब दिया। इसलिए मुझे दोष मत दो। खुद को दोष दो। मैं तुम्हारी मदद नहीं कर सकता, न ही तुम मेरी मदद कर सकते हो। जिस तरह तुमने मुझे पहले ईश्वर से जोड़ा था, मैं उसे अस्वीकार करता हूँ। अंत में, अत्याचारी को वह मिलेगा जिसका वह हकदार है, और उत्पीड़ित को अंततः वह मिलेगा जिसका वह हकदार है। हममें से कोई नहीं जानता कि मौत कब आएगी। लेकिन इस पूरी श्रृंखला में हमने जिन बातों पर चर्चा की है, वे सब ज़रूर घटित होंगी। मौत का फ़रिश्ता आपको देख रहा है। कब्र आपका इंतज़ार कर रही है। आपका न्याय आसान नहीं होगा। एक तरफ जन्नत है और दूसरी तरफ जहन्नुम। और अगर आप अभी भी यह वीडियो देख रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपका इम्तिहान अभी खत्म नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि आपके पास अभी भी चीजों को ठीक करने का मौका है। इस दुनिया में जन्नत के नेअमत से बड़ा कौन सा सुख हो सकता है?

क्या इस जीवन के अस्थायी सुख के लिए अनंत नेअमतों को खोना उचित है? कौन सा अधिक कठिन है? इबादतों के वे छोटे प्रयास जिन्हें करने में हमें आलस आता है या नर्क की सज़ा? मौत के बाद की डरावनी घटनाओं से हर कोई भय और घबराहट से घिरा हुआ है, तो रोज़ाना की पाँच नमाज़ें, जिन्हें पूरा करने में एक घंटा भी नहीं लगता, पढ़ना कितना कठिन हो सकता है? क्या खुशी से मुस्कुराना और हमेशा की जन्नत में प्रवेश करना सार्थक नहीं है? हमें इस दुनिया में बिना किसी मकसद के नहीं भेजा गया है। मौत सत्य है। कब्र सत्य है और क़यामत ज़रूर आएगी। हम इन सच्चाइयों का इनकार नहीं कर सकते। हमारे सामने इतनी सारी वास्तविकताएँ होने के बावजूद, हम ऐसे कैसे जी सकते हैं जैसे उनमें से कोई भी मौजूद ही न हो?

मौत हर दिन 2,50,000 लोगों के दरवाज़े पर दस्तक देती है। क्या यह अब भी आपके लिए कोई मायने नहीं रखता?

मौत के जगाने से पहले जाग जाइए क्योंकि मौत ख़ुद नहीं मरती। तौबा करने में देरी मत कीजिए। आज जबकि अभी भी समय है, जबकि अभी भी आपका दिल धड़क रहा है, जबकि आप अब भी सजदे में गिर सकते है, जबकि तौबा का दरवाज़ा अब भी खुला है, अगर आप नमाज़ नहीं पढ़ते तो अभी के अभी शुरू करें। हमारी पूरी तहा से मुफ्त और बिना विज्ञापन वाली नमाज़ ऐप के साथ आप रोज़ाना की पांच नमाज़ों को अपनी ज़िंदगी का नियमित हिस्सा बना सकते है। अगर आप अपने ईमान को मजबूत करना चाहते हैं और अपने इस्लामी इल्म को बढ़ाना चाहते हैं, तो हमने इस चैनल पर आपके लिए कई वीडियो तैयार किए हैं। आप उन वीडियोज को एक Organized तरीक़े से देख सकते है। अगर आप अरबी में कुरआन पढ़ना नहीं जानते हैं, तो हमने लामअलिफ़ क़ुरआन नामक एक ऐप विकसित की है जहां आप जल्दी, आसानी से और मुफ्त में सीख सकते हैं। और अगर क़ुरआन के अर्थों को और गहराई से समझना चाहते हैं, तो आप हमारी मुफ़्ती reading ऐप को डाउनलोड कर सकते है। याद रखें, एक बार जब आप अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, तो सबकुछ बदलने लगता है। आइए इस सिसलसिले को कुरान की एक आयत से पूरा करें जो उम्मीदों की एक बड़ा द्वार खोलती है कह दो, "ऐ मेरे बन्दो, जिन्होंने अपने आप पर ज़्यादती की है, अल्लाह की दयालुता से निराश न हो। निस्संदेह अल्लाह सारे ही गुनाहों को माफ कर देता है। निश्चय ही वह बड़ा क्षमाशील, अत्यन्त दयावान है क्या आपने ध्यान दिया?

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