# माँ या पत्नी? | बिना इश्क़ किए हम शादी कैसे कर सकते हैं? - अली दावा और विवाह संबंधित प्रश्न

- Language: hi
- Published: 2026-08-26
- Canonical: https://blog.towardseternity.com/hi/blog/mom-or-wife-how-can-we-get-married-without-flirting-ali-dawah-marriage-questions
- Source video: https://www.youtube.com/watch?v=SPvjJeNw2RA
- Channel: Towards Eternity

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सलाम आलेकुम भाइयों और बहनों, तो मूल रूप से, कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो मेरे भाई लोग मेरे पास लेकर आए, और हम एक-एक कर के उनके बारे में चर्चा करेंगे। यह अलग तरह से मुड़ा है, इसलिए मैं इससे शुरुआत करूंगा। अगर एक पुरुष को अपनी माँ और अपनी पत्नी के बीच में चुनना पड़े, तो उसे किसका पक्ष लेना चाहिए? मेरे से ऐसे सवाल मत पूछें। अगला सवाल? +ओह, यह काफी कठिन सवाल लगता है। - अपनी माँ और अपनी पत्नी के बीच में चुनना। मुझे लगता है कि यह सवाल ही गलत है। गलत सवाल। मुझे लगता है कि दोनों में से एक को चुनना विकल्प ही नहीं है। आप किसको चुनेंगे ?

क्योंकि आप दोनों के साथ तर्क कर सकते हैं। और आप जानते ही हैं कि ऐसी स्थिति में, कई बार यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि असहमति किस बात पर है। लेकिन मैं एक चीज़ ज़रूर कहूंगा कि आप अपने परिवार के पास जा कर अपने साथी की शिकायत मत करें, फिर चाहे वो पति या पत्नी हो। इससे क्या होगा कि इस कारण आपका परिवार उनके बारे में बुरे विचार रखने लगेगा। ऐसे करने से लोगों में चिंताएं पैदा कर देंगे। जो भी हुआ हो, अगर यह बड़ी चीज़ नहीं है, तो इसे अपने माता-पिता के साथ साझा न करें। लेकिन अगर मेरे घर में कोई बात होती है, चाहे फिर यह कोई छोटी सी बात ही क्यों न हो, मैं खुद जा कर अपनी पत्नी से कहूंगा, देखो, कई बार मेरी माँ की गलती होती है, चाहे यह कुछ भी हो, देखो, वह उम्र में हमसे बड़ी हैं, इसलिए हमें हमेशा उनकी इज़्ज़त करनी चाहिए। जब तक कि यह तुम्हारे अधिकारों को नुकसान न हो रहा हो, जब तक कि माँ तुम्हारे साथ मारपीट न कर रही हो, या ज़बरदस्ती करने को कह रही हो, खैर स्थिति ऐसी नहीं है, और जैसे कि अल्लाह ने कहा है कि यह तुम्हारे खिलाफ नहीं होनी चाहिए। यदि आप जानते हैं कि आपकी माँ आपकी पत्नी को प्रताड़ित कर रही है, तो आपको धीरे से अपनी माँ को बताना होगा कि यह गलत है। यह सही नहीं है। और यदि चीज़ें इसके विपरीत हैं, तो आपको अपनी पत्नी को बताना होगा क्योंकि बात कुछ भी हो, आपकी पत्नी द्वारा आपकी माँ का अनादर करना उनके प्रति उसकी बेअदबी दिखाता है। यह बेहद महत्वपूर्ण है। आप भले असहमत हों। भले आपकी माँ ही गलत हो, लेकिन अपने पति से परामर्श करें। और अगर इसका हल नहीं निकल रहा। तब अपने परिवार से बात करें। लेकिन मुझे नहीं लगता कि पक्ष लेना सही नहीं है। दोनों में से एक को चुनना संभव नहीं है। वे दोनों ही आपके जीवन का हिस्सा हैं। यह दोनों के साथ एक साथ में रहने के बारे में है। इसलिए मुझे लगता है कि किसी एक को चुनना सही है। ठीक है। आप किसी ऐसे व्यक्ति को क्या कहना चाहेंगे जो कहता है कि, "मैं शादी करना चाहता हूँ। लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं।" खैर, मुझे जो कहना है, उसे भूल जाइए। कुरान में अल्लाह कहते हैं कि अगर आप गरीबी से डरते हैं, तो अल्लाह ही है जो आपको तरक्की देगा। अल्लाह ही आपको ख़ुशी देने वाला है, तो आपको यह समझना होगा कि पृथ्वी पर रहने वाले हर जीवित प्राणी को कायम रखा जाएगा और उसका ध्यान भी रखा जाएगा। अल्लाह आपका ध्यान क्यों नहीं रखेंगे, खैर बात यह है कि अल्लाह आपको ज़रूर प्रदान करेंगे, लेकिन आपको बाहर निकलना होगा, आप अपने घर पर ही बैठे नहीं रह सकते और पैसे आने का इंतज़ार नहीं कर सकते। अल्लाह मदद करेंगे और आपको एक नया रास्ता दिखाएंगे। ये सब विकल्प उपलब्ध हैं, आपको बस मेहनत करते रहना है, तो यह मत सोचें।। कि मेरे पास पैसा नहीं है, अल्लाह कहते हैं कि अगर तुम्हें मेरा डर है, तो मैं तुम्हें दूंगा। देने वाला तो अल्लाह ही है। तो आप अपने कार्य करें और इंशाअल्लाह, अल्लाह आपको धीरे-धीरे समृद्ध करेंगे और हमें बस मूल चीज़ें चाहिए। हमें रहने के लिए जगह चाहिए। खाने के लिए खाना चाहिए। लेकिन हम क्या करते हैं कि हम इसे अलग स्तर पर ले जाते हैं, जिस कारण से समस्याएं होती हैं। जैसे कि मुझे शादी पर £60,000 खर्चना है। मेरे पास यह गाड़ी होनी चाहिए। मुझे यहाँ जाना है। आप खुद अपने लिए मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं। अल्लाह आपको मूल चीज़ें प्रदान कर सकते हैं, और आपको इन्हीं की ज़रूरत है। तो मैं कहूंगा कि जब तक आपके पास वो सब है, तब तक आप गरीब नहीं हैं, मुझ पर यकीन करें, और खासतौर पर यदि आप पश्चिम में रह रहे हैं तो, मतलब आप गरीब कैसे हो सकते हैं। अगला सवाल!

आखिरी बार आपने अपनी पत्नी के लिए कोई तोहफा कब ख़रीदा था? आप मुझसे यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं? तोहफा... जब तोहफों की बात आती है, भाइयों, मेरी सलाह तो यह ही है कि हमें एक संतुलन बनाए रखना है, क्योंकि हम इंसान हैं। हम आसानी से ऊब जाते हैं, सच कह रहा हूँ। यदि आप हर हफ्ते तोहफे खरीदते हैं, या यदि अपनी शादी से पहले आप कहते हैं कि मैं मैं बहुत रोमांटिक व्यक्ति हूँ, मतलब खुद को कहते हैं मैं रोमियो हूँ। मैं हर हफ्ते तुम्हें फूल दूंगा। ऐसा करने से आप क्या कर रहे हैं कि आप अपनी पत्नी की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं, उसे आगे भी उम्मीद रहेगी, और अब अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो समस्या होगी। इसलिए... + अली भाई, हम आपके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। - मेरा मतलब, आप मुझसे क्या सुनना चाहते हैं?

+कृपया मुद्दे पर आएं। - बात बहुत सीधी है। चलिए अब ज़रूरत की बात करते हैं, आज़ादी की..

अगर आप फंस गए हैं, तो आपको विषय बदल देना चाहिए। आज़ादी, आत्म-निर्भर। मेरे दोस्त, आप एक ऐसा सवाल पूछ रहे हैं जो गलत है। आपका कहना है कि बिग बैंग से ब्रह्मांड की शुरुआत थी, और वह अचानक से कहीं से आ गया था। चलिए अगले सवाल पर जाते हैं। + फिलोसोफी की बातें बंद करो और सीधा जवाब दो। - तो संक्षेप में। अगर आप मैरिज डाक्यूमेंट्री देखेंगे तो उसके अंत में शायद आठवें भाग में, आपको दिखेगा कि मैंने तोहफा खरीदा है। तो आपको वो देखना पड़ेगा, इसके लिए आप देखिये मैरिज डाक्यूमेंट्री। अगर आप जवाब जानना चाहते हैं। + लगता है तोहफा दिए काफी समय हो गया है। - नहीं, मैं ही उसके जीवन का सबसे कीमती तोहफा हूँ, तो मैं उसे रोज़ मिलता हूँ। घर पर ज़्यादा किसकी चलती है?

सच कहूं तो हालात पर है अगर मैं स्पीकर कॉर्नर से आया हूँ तो मेरी। फिर वो मुझे आराम करने को कहती है। और फिर अपना काम करती है। हर बार अलग है, कभी मैं कभी वह। हमें निष्पक्ष होना होगा। + यह तो एक राजनितिक जवाब हुआ। - ऐसा ही होना चाहिए। कभी-कभी राजनितिक जवाब देना होता है, सबकी ख़ुशी के लिए। आप हर शादी की समस्या कैसे सुलझाते हैं ? "आपस में"? माफ़ी, हर शादी। माफ़ करना और शादियाँ याद आ गयी। तो आप आपस में समस्याएं कैसे सुलझाते हैं ?

न कि हर शादी की। ज्यादातर तो गलतफहमी होती है जो ज़रूरी है वो ये कि अपने साथ की खूबियाँ देखें जैसे ज्यादातर जब कभी लड़ाई हुई मेरी बीवी से या हम दोनों की तो हम खुद का सोचते हैं। तो कुछ गड़बड़ तो होगी और मैं उस वक्त सबसे बुरा सोचूंगा जबकि ऐसा नहीं होता। इसलिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपने साथी को सबसे अच्छा मान लें। तब आप यह नहीं सोचेंगे, ओह इसने ऐसा इसलिए किया, और तभी आप खुश रह पायेंगे। और शायद उन्होंने भले के लिए ऐसा किया हो। तब आप झगड़ा नहीं करेंगे क्योंकि बातें जब साफ़ होती हैं तब आप कहते हैं “ओह मुझे नहीं पता था।” और ये होता है, मेरे साथ भी होता है। ज़रूरी है साथी को अच्छे से समझें न कि उसे बुरा बना दें और फिर लड़ाई क भूलें तब आप समझेंगे कि असल में लड़ने जैसा कुछ तो था ही नहीं आपस में। तो अगर बुरे से बुरे हालात में भी आप आपस के झगड़े को रोक पाओगे और अगर कुछ ऐसा है तो प्यार से पूछिए। जैसे कि, ये बात मुझे अच्छी नहीं लगी। ऐसा आपने क्यों किया ?

और जो भी है। तो ऐसे प्यार से कीजिये। गलफहमी बुरी चीज़ है। खुद से कुछ मान लेना सबसे बड़ी समस्या है शादियों में। आप अपनी बीवी से कैसे मिले ?

मैं उनसे मिला और तकरीबन से लगभग पांच से 12 घंटों में ही या यूं कहें आधे दिन में मैंने उनके पिता से हाथ मांग लिया तो बहुत छोटा सा वक्त था और काफी दिलचस्प भी क्योंकि ये बहुत मुश्किल था जब मैं शादी की बात करने गया उनके पिता से बात करना मुश्किल तो थी क्योंकि कुछ बहनें भी थी और मुझे उनके पिता से बात करनी थी क्योंकि कुछ बहनें बहुत परेशान कर रही थी जिससे मैं परेशान हो गया था समझाऊंगा, बताऊंगा कि क्यों मैं परेशान हुआ शुरू में तो मुझे यकीन नहीं हुआ जब उन्होंने मुझसे कहा कि मेरे पिता से बात करो मुझे लगा ये मज़ाक होगा जैसे कि कोई उनका दोस्त मुझसे बात करेगा उनका पिता बनकर पर सच में उनके पिता ही थे। और फिर बहुत अच्छे से सब हुआ उसके लिए आपको डाक्यूमेंट्री देखनी होगी। माफ़ करिए आगे मैं नहीं बता सकता। माफ़ी चाहता हूँ। कॉपीराइट न हो बस। क्या कभी आपको शादी का पछतावा हुआ ?

माफ़ करना पर ये सवाल काफी डाक्यूमेंट्री के जैसा है। ये सवाल .. ये बहुत जटिल सा है और सिर्फ हाँ और न कहना है। नहीं ऐसा नहीं है क्योंकि इस सवाल के पीछे पूरी कहानी है। मामला थोड़ा गंभीर है। मैं कभी नहीं पछताया। मेरा जवाब ये है मैं एक बार पछताया और उसके बाद फिर नहीं पछताया। और इसका पता करने के लिए आपको डाक्यूमेंट्री देखनी पड़ेगी उसमें जवाब है। क्या खूबियाँ देखनी चाहिए अपने साथी को चुनते वक्त ? ये सवाल अच्छा है। डाक्यूमेंट्री वाले सवाल। क्या खूबियाँ देखनी चाहियें ?

मैं कहूँगा कि हर चीज़ में सबसे अच्छा देखना ये बहुत गलत होता है क्योंकि आप मिलेंगे ऐसे लोगों से जिनके माता पिता हो सकता है धार्मिक लगें आपको पर अपना फैसला तुरंत न लें बस ये देखकर कि वो कैसे दीखते हैं और कहते हैं जैसे उनकी बहन जो हर पल अल्हम्दुलिल्लाह सुभनअल्लाह, अल्लाह-उ अकबर कहती हो। मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता या उसका भाई थोड़ा अजीब कपड़े पहने या ऐसा दिखे जैसे उसे इस्लाम में ज्यादा यकीन है तो जल्दी फैसला न लें सिर्फ किसीका हुलिया देख कर कभी भी। कोई इंसान कैसा दिखता है उसका पहनावा या क्या बोलता है इस पर अपनी शादी का । कभी भी फैसला न करें। मैं अपनी डाक्यूमेंट्री में समझाऊंगा। अगर आपकी बेटी 28 साल की हो तो आप उससे क्या कहेंगे ? कमाल का सवाल है सच में। - आपकी बेटी है न ?

+ हाँ दो बेटियाँ हैं मेरी। जो ज़रूरी बात मैं उनसे कहूँगा कि आप इस्लाम के तरीके से जीयें। अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह को अपना मानें और अल्लाह आपकी सारी मुसीबतें हल करेगा। क्योंकि मुझे लगता है ये ज़रूरी है नौजवानों के लिए भी ये समझना जब वो 20 साल के हों जवान हों कि ज़िन्दगी कैसे जीनी है। और अल्लाह का रास्ता सबसे अच्छा है। तो ये मत सोचिये कि मैं खुद करूँगा खुद में विश्वास होना चाहिए ये बात हम पैगंबर की हदीथ से जानते हैं सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, कि आप अपना ऊँट बांध दीजिये और अल्लाह पर यकीन रखिये पर मैं ये कहूँगा कि आप अपना काम कीजिये लेकिन आपकी तकदीर अल्लाह लिख रहा है। तो आप उसकी इबादत करते रहें। और पैगंबर की हदीस है सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जब वो मुआद इब्न जबल के साथ थे और सफर कर रहे थे। तो पैगम्बर ने उनसे कहा कि "ओह मुआद क्या तुम जानते हो कि सेवकों पर अल्लाह का क्या अधिकार है?" उसने कहा : "अल्लाह और रसूल बेहतर जानते हैं।" जवाब था: "यह है कि आप सिर्फ और सिर्फ उसकी ही इबादत करें।" मुआद ने कहा ठीक है। फिर पूछा : अरे मुआद क्या आप जानते हैं कि नौकरों का क्या हक़ होता है अल्लाह पर ?

मुआद बोला, अल्लाह और रसूल बेहतर जानते हैं। जवाब आया जब तक आप उसकी इबादत करेंगे वो आपको कभी सज़ा नहीं देगा। तो मैं अपनी बेटी से कहूँगा कि अल्लाह पर भरोसा रखो और अपना काम करो पर सबसे ज़रूरी ये कि अल्लाह को तकदीर लिखने दो तुम्हारी जियो मरो उनके लिए। क्या आप घर के कामों में अपनी पत्नी की मदद करते हैं?

हाँ। ज़रूरत है तो। मैं उनमें से नहीं हूँ जो कहे मैं नहीं करूंगा अगर ज़रूरत है तो करूंगा पर अगर मैं काम से आया या जा रहा हूँ और 8 10 घंटे काम से आने के बाद मैं आकर बर्तन नहीं धोऊंगा मैं बिलकुल नहीं करूंगा मैं थक गया आराम चाहिए और मुझे अच्छा लगेगा अल्हम्दुलिल्लाह मेरी पत्नी वो बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती है। लाजवाब खाना। तो बात ये है कि मैं नहीं करूंगा घर आकर हाँ अगर वो बीमार हैं या मैंने उसे देखा कि वो बच्चे को संभाल रही है। बेबी परेशान है। तो बिलकुल मैं आऊंगा और मदद करूंगा पर ये कि मैं बाहर काम करूं, ज़रूरत पूरी करूं और घर आकर खाना बनाऊ सफाई करूं मेरी मर्दानगी के खिलाफ नहीं है पर एक संतुलन बनाना ज़रूरी है। मैं अपना फ़र्ज़ निभा रहा हूँ काम करके। ऐसा नहीं है कि मैं काम से आऊँ और बर्तन और कपड़े साफ करूंगा। नहीं मैं नहीं करूंगा। अगर मेरी छुट्टी है और उसे मेरी ज़रूरत है तो मैं पूरी मदद करूंगा। पर काम से आकर नहीं। काम से आकर कोई सफाई धुलाई का काम नहीं। कभी बर्तन धुले हैं क्या ?

हाँ बिलकुल। अगर मेरी पत्नी मुझे कुछ करने को कहेगी, तो मैं करूंगा कि मैं बर्तन धो देता हूँ, मुझे बर्तन साफ़ करना पसंद हैं या फिर जो भी, मैं कहूंगा मैं धो दूंगा, कोई बात नहीं! मुझे बर्तन साफ़ करना पसंद है, यह काफी आसान है। मैं एक रेस्टोरेंट में काम करने के दौरान वहां भी मैं यह ही करता था। इसलिए मुझे ऐसा करने में कोई दिक्कत नहीं है। सुखी वैवाहिक जीवन का रहस्य क्या है? यह, यह, खैर यह एक लंबा जवाब होगा। पर मुझे लगता है, मैंने एक तस्वीर देखी थी!

वैसे मैं इल्लुमिनाटी नहीं कर रहा हूँ, ऐसा कुछ नहीं है, या इस तरह का एक त्रिकोण, और उसमें एक पत्नी और पति थे। वे अल्लाह के जितने करीब आते गए, ऊपर अल्लाह हैं उनका संबंध बेहतर होता चला गया, ओर वे अल्लाह से जितने दूर जाते गए, उतनी ही उनमें दूरियां बढ़ती गईं, और मुझे यह बेहद दिलचप्स लगा, क्योंकि सच्ची खुशी और बरकत अल्लाह से आते हैं। अल्लाह के पास होने से आते हैं। आखिर में अल्लाह ही वह हैं जो आपको आपका हमसफर देंगे जो इंशाअल्लाह आपके लिए अच्छा होगा। अल्लाह बुरा साथी देकर भी आपकी परीक्षा ले सकते हैं और शायद इसमें भी कुछ अच्छा छिपा हो। आपको मेरी बात समझे में आ रही है ?

तो बात यह है कि मुझे लगता है कि सुभानअल्लाह अल्लाह ही आपके जीवन में बरकत लाने वाले हैं। और आपको अच्छा साथी देंगे जो इस जीवन और आगे आपका साथ दे और इसलिए हम परलोक में इस्तिखारा करते हैं इसलिए जब आप ऐसा कर रहे हों तो मुख्य बात जिस पर आपको ध्यान देना है, वह है अल्लाह के साथ आपका रिश्ता। अल्लाह के साथ अपने मसलों को ठीक करें, जो सही है वह करें। बड़े पापों से दूर रहें। फिर अल्लाह सुभानहू वा तआला आपको बढ़िया साथी देंगे। हममें से ज्यादातर लोग तार्किक रूप से सोचते हैं कि अगर मैं अपने थोड़े बाल दिखा दूँ, तो हो सकता है कि मुझे कोई मिल जाए। अगर मैं नशे करूँ या बेचूं तो मेरे पास अच्छी गाड़ी होगी तो शायद मुझे कोई लड़की मिल जाए, ये सब वही अक्ल की जगह नकल करते हैं। और इब्लिस से भी यही गलती हुई थी क्योंकि अल्लाह ने उसे आदम के आगे झुकने को कहा था। यही नकिल है। अल्लाह ने कुछ आदेश दिया, उसने अक्ल इस्तेमाल की जो अल्लाह ने ही उसे दी है इब्लीस बोला “नहीं मैं उससे बेहतर हूँ।” तो जब हम दिमाग लगाते हैं कि मैं क्या कर सकता हूँ, भूल जाओ अपना अल्लाह से पूछो कि वो क्या कर सकते हैं। और ये है, आखिरी है क्या ?

आपको लगता है आज की तारीख में हम बिना इश्क किये शादी कर सकते हैं ? बिना इश्क के हम अपने होने वाले जीवनसाथी को कैसे जान सकते हैं? मेरी डाक्यूमेंट्री इसी बारे में ही है ?

कैसे एक मुस्लिम आदमी जो अपना इस्लाम का पालन करता है। कैसे मैं जानूंगा बिना इश्क किये होने वाली बीवी को। जब आप इश्क करते हैं तो उसमें हदें भी पार करते हैं और उसका जो अंत होगा अच्छा नहीं होता इसलिए कुरान में अल्लाह ने कहा है "जिना के करीब भी मत जाना।" तो इश्क आपको उधर ले जाता है। शैतान आकर नहीं कहता है कि जाओ जिना करो। आप मज़ाक करते हैं वो आपको हसमुख समझती है, सुंदर समझती है, लड़कियां हसती हैं और फिर आहिस्ता आहिस्ता होता है क्या है आप जिना कर बैठते हैं। तो बात ये है शादी के लिये इश्क की ज़रूरत नहीं है। किसने कहा इश्क करो शादी के लिए, और मिलना जानने के लिए इसकी इजाज़त है हलाल तरीके से। जैसे मैं मिलने गया था शादी के लिए और 3 4 बार मिला था पर सार्वजनिक जगह पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ। हम चल रहे थे तो वो हमारे पीछे ही थे। सबकुछ इस्लाम के तरीके से। और मैं विस्तार से बताऊंगा कि आप फोन पर कैसे बोल सकते हैं, टेक्स्टिंग कर सकते हैं, या यह कैसे किया जाता है और उन्हें जानना क्योंकि आपको उन्हें जानने की ज़रूरत है। और ये सही से कैसे किया जाता है। तो बात है इसे सही तरीके से करने की। सारे सवाल ख़त्म हुए। देखिये ये खाली है। इसलिए मैं उन लोगों को सलाह दूंगा जो शादी करना चाहते हैं आपको ये समझना है कि ये सब रोमियो जूलिएट कहानियां हॉलीवुड बॉलीवुड की और खासकर टर्किश फ़िल्में। ध्यान दीजिये क्योंकि जो आप देख रहे हैं नकली है। वो आपको शादी के झूठे नकली मायने बता रहे हैं। और जानना प्यार को और रोमियो जूलिएट वाली बातें उतना नकली है जितना सुपरमैन देखना। सुपरमैन अपनी शर्ट हटाता है और उड़ के बिल्डिंग पे जाता है और कूदता है आप सोचते हैं मैं भी करता हूँ आप मर जायेंगे दोस्तों। अगर आप कहेंगे मैं सुपरमैन हूँ, । क्योंकि आपने सुपरमैन को करते देखा ये हॉलीवुड सब नकली है और टर्किश फ़िल्में भी। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता है। क्योंकि असल दुनिया इससे अलग है। तो ध्यान रखियेगा कि गलत इंसान से हुई शादी आपको मार सकती है। और वाकई जान ले सकती है। आध्यात्मिक और मानसिक रूप से या शारीरिक रूप से भी मार सकती है। तो आपका सही साथी चुनना अधिकार है। तो बहुत ख्याल रखियेगा इस बात का। और देखिएगा मैरिज डाक्यूमेंट्री। और जब आप देखेंगे उसे इंशाल्लाह। आप जानेंगे कि आपको एक अच्छी पत्नी मिलेगी। और अगर आप शादीशुदा हैं तो आपको दूसरी पत्नी मिलेगी दूसरी के बाद तीसरी और तीसरी के बाद चौथी पत्नी। और जब चार पत्नी होंगी फिर आपके पास रखैलें होंगी। मज़ाक कर रहा हूँ। ये कैमरा पर आया।
